Latest News

रविवार, 2 सितंबर 2018

कृष्ण जन्माष्टमी आज, संपूर्ण काझी कृष्ण मय।

कृष्ण जन्माष्टमी आज, संपूर्ण काझी कृष्ण मय।
पुर्णिया-बनमनखी: 02 सितंबर 2018 (सोहन कुमार) जन्माष्टमी के अवसर पर बनमनखी अनुमंडल के काझी गांव स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारी पूरी कर ली गई है. भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव आज मध्यरात्रि के बारह बजे धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा. इसके लिए काझी के श्री कृष्ण मंदिर सज-धज कर तैयार है. जन्मोत्सव को लेकर पंडित अशोक मिश्र एवं पंडित श्रीदेव झा बताते हैं कि भगवान श्री कृष्ण सोलह कला के अवतार हैं. उन्होंने कहा कि विष्णु पुराण, स्कंदपुरान, गीता आदि में कृष्ण जन्मोत्सव का खासा वर्णन है. उन्होंने कहा भगवान का जन्म आज मध्यरात्रि बारह बजे होगा. इस रात का विशेष महत्व है. इस दिन लोगों को रात्रि जागरण करके कीर्तन-भजन करना चाहिए. इससे भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है. जन्मोत्सव को लेकर मंदिर को जहां आकर्षक ढंग से सजाया गया है तो वहीं ध्वनि विस्तारक यंत्र एवं प्रकाश आदि की व्यवस्था की गई है।
भक्तों के लिए पंडाल आदि भी लगाया गया है. मेला समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष अन्य वर्षों की अपेक्षा मेले में अच्छी व्यवस्था की गई है. मेले में जहां भगवान श्री कृष्ण, राधा, महादेव, दुर्गा, बासुदेव, देवकी, बलराम, गरूर, गणेश आदि की भव्य व आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई है. जन्माष्टमी को लेकर भव्य झुलोन्तसव का भी आयोजन किया गया था. इसके बाद से मंदिर में प्रतिदिन ग्रामीण कलाकारों के द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है. गांव के नवयुवक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला को लेकर काफी उत्साहित है. मेला समिति के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार झा ने बताया कि मेला समिति के सदस्य तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. उन्होंने बताया कि रविवार को मध्य रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद से ही मेला प्रारंभ हो जाएगा।
इसके बाद तीन एवं चार सितंबर को रात्रि में मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए जागरण व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि संपूर्ण ग्रामीणों के सहयोग से ही यहां प्रतिवर्ष भव्य मेला का आयोजन किया जाता है. यहां के युवा मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है. उन्होंने बताया कि इस मंदिर में जो भक्त सच्चे मन से जो कुछ भी मांगा है उसे भगवान् श्री कृष्ण ने पुरा किया है, इसलिए यहां प्रत्येक वर्ष दूर दराज के गांवों से आकर श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण का दर्शनकर बासुरी चढा़ते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें


Created By :- KT Vision