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शनिवार, 13 अप्रैल 2019

आखिर क्यों पुलिसकर्मी अपने सिर पर टोपी पहनने से कतराते#GLOBAL INDIA TV NEWS

आखिर क्यों पुलिसकर्मी अपने सिर पर टोपी पहनने से कतराते 


कानपुर: 12/04/2019 (सूरज वर्मा) पुलिस की शान वर्दी और टाेपी... फिर भी जवान से लेकर अफसर तक को परहेज पुलिस की शान उसकी वर्दी और टोपी.होती है ..इसी के भरोसे तो आम लोग उन्हें कानून का रखवाला मानते हैं।
फिर सिर-माथे रखी जाने वाली टोपी के तो क्या कहने..लेकिन अफसोस पुलिस में सिपाही से लेकर अफसर तक टोपी पहनने से परहेज करने लगे हैं। नतीजा, वे उसे मरोड़कर कमर से लगे बेल्ट, गाड़ी में या फिर जेब में ठूंस लेते हैं। कोई बाइक के हैंडल में लटकाकर रखता है तो कोई उसमें लगे बैग में डाल देता है। 

थानों तक में इन्हें यहां-वहां टेबल पर पड़े देखा जा सकता है। यह अनुशासनहीनता है तो टोपी का अपमान भी।

पुलिस के लिए टोपी पहनना उतना ही जरूरी है जितना पेंट-शर्ट, वर्दी पर नेम प्लेट, नंबर बैज, बेल्ट और जूते-मोजे। इनमें से कोई एक मौजूद हो तो वर्दी पूरी नहीं मानी जाती। 

ट्रेनिंग में खासतौर पर इसकी जानकारी दी जाती है, महत्व समझाया जाता है। इसके बाद सेवा में आते ही उन्हें कैप पहनना अच्छा नहीं लगता। ग्लोबल इंडिया टीवी न्यूज ने शहर भर में इसकी पड़ताल की। बिना टोपी मिले पुलिसकर्मियों से कारण पूछा तो बहाने के ढेर लग गए। वह भी ऐसे कि इनकी गंभीरता पर सवाल खड़े हो जाते हैं। 

ट्रेनिंग के दौरान खूब पढ़ाया जाता है पाठ, खाकी यूनिफॉर्म है पुलिस की आन बान शान 
कल्याणपुर में मिले काॅन्स्टेबल कहने लगे... भईया खास मौकों या अफसरों के सामने जाने पर ही टोपी पहनते हैं। दिनभर पहनेंगे तो लोग ठोला कहना शुरू कर देंगे। 

कल्याणपुर थाने में रोजनामचा लिख रहे हेड काॅन्स्टेबल के सिर पर टोपी नहीं थी। कोई भी आए-जाए उन्हें मतलब नहीं, अफसरों की आमद होती है तो उसके पहले पहन लेते हैं। 

काकादेव थाने पर तैनात सिपाही का कहना है कि कैप पहनकर ड्यूटी करने से सिर में हवा नहीं लगती। पसीना बहता है। अफसरों के गुजरने के बारे में पहले से पता चल जाता है।


जब उनकी गाड़ी नजर आती है तो पहनकर सामने खड़े हो जाते है। 

ग्वालटोली के सिपाही के अनुसार दिनभर टोपी पहनना अच्छा नहीं लगता। अधिकारी जैसे ही आनेवाले होते है या प्वॉइंट ड्यूटी होती है तो इसे पहनना पड़ता है।
कुछ पुलिस वाले तो यह भी कहते हैं की टोपी पहनना अच्छा नहीं लगता है तो इसीलिये। जेम में या बगल में दवा लेते है।
सबकी टोपी का रंग एक डिजाइन अलग 
जब रामादेवी के चकेरी थाने पर जाकर देखा गया तो वहाँ पर बहुत पुलिस कर्मी दिखाई दिए मगर कोई भी सिर पर टोपी नही लगाए मिला और तो एयर महिला कांस्टेबल के सिर पर भी टोपी नही दिखाई दी बल्कि उनको जाते समय देखा तो वो लोग अपनी जेब मे टोपी को रखें नज़र आई।
जब कोई अधिकारी सामने आता है यह हम लोगों को अधिकारी के सामने जाना होता है तो टोपी सर पर लगा लेते हैं टोपी का अपमान आप कानपुर के हर थाने में देख सकते हैं

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